यहाँ हर ग्रह के रोगों के साथ उसके वैदिक उपाय दे रहा हूँ। ध्यान दें – ये उपाय ग्रह-शांति के लिए हैं, इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह ही मुख्य है।
ग्रह-रोग और उनके सरल उपाय
1. ☀️ सूर्य – हृदय, आँख, हड्डी, BP
उपाय रोज सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल दें, उसमें थोड़ा गुड़ डालें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। पिता और पितृतुल्य लोगों का सम्मान करें। रविवार को गेहूं, गुड़ का दान करें।
2. 🌙 चंद्र – मन, नींद, हार्मोन, फेफड़े
उपाय शिव जी पर रोज जल और दूध चढ़ाएं। ॐ सोम सोमाय नमः का जाप करें। माता का सम्मान करें। सोमवार को चावल, दूध, मिश्री का दान करें। मन शांत रखने के लिए ध्यान/प्राणायाम करें। चाँदी में मोती धारण करना लाभकारी।
3. ♂️ मंगल – रक्त, चोट, ऑपरेशन, सूजन
उपाय हनुमान चालीसा का रोज पाठ करें। मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। ॐ अं अंगारकाय नमः जाप करें। लाल मसूर, गुड़ का दान करें। भाईयों से विवाद न करें। तांबे में मूंगा।
4. ☿ बुध – नसें, त्वचा, वाणी, याददाश्त
उपाय गणेश जी की आराधना करें, दूर्वा चढ़ाएं। ॐ बुं बुधाय नमः जाप करें। बुधवार को हरी मूंग, हरे कपड़े का दान करें। गाय को हरा चारा खिलाएं। तोतली वाणी / झूठ से बचें।
5. ♃ गुरु – मोटापा, शुगर, लिवर
उपाय केले के पेड़ की पूजा करें, विष्णु सहस्रनाम पढ़ें। ॐ बृं बृहस्पतये नमः जाप करें। गुरुवार को पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी का दान करें। बड़ों और गुरु का सम्मान करें। खान-पान संयमित रखें।
6. ♀️ शुक्र – किडनी, प्रजनन, मूत्र रोग
उपाय माँ लक्ष्मी की पूजा करें, सफेद वस्तुओं का प्रयोग। ॐ शुं शुक्राय नमः जाप करें। शुक्रवार को दही, मिश्री, सफेद कपड़े का दान करें। पत्नी/स्त्रियों का सम्मान करें। साफ-सफाई रखें।
7. ♄ शनि – गठिया, लकवा, दीर्घकालिक रोग
उपाय शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ॐ शं शनैश्चराय नमः जाप करें। शनि चालीसा पढ़ें। काले तिल, उड़द, तेल, लोहे का दान करें। गरीब, मजदूर, बुजुर्गों की सेवा करें। मांस-मदिरा से बचें।
8. ☊ राहु – कैंसर, रहस्यमय रोग, एलर्जी
उपाय ॐ रां राहवे नमः जाप करें। सरस्वती जी की पूजा करें। शनिवार को नारियल, नीले कपड़े का दान करें। भ्रमित करने वाली चीजों, नशे से दूर रहें। गोमेद रत्न ज्योतिष सलाह से।
9. ☋ केतु – ऑटोइम्यून, अज्ञात रोग
उपाय ॐ कें केतवे नमः जाप करें। गणेश जी की पूजा करें। कुत्ते को रोटी खिलाएं। कंबल, तिल का दान करें। आध्यात्म, ध्यान से जुड़ें।
सभी रोगों के लिए 3 महाउपाय
- महामृत्युंजय मंत्र: रोज 108 बार -ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…यह सभी रोगों में सबसे बड़ा कवच है।
- 6th भाव की शांति रोग का मुख्य भाव 6th है। रोज हनुमान जी की उपासना और जरूरतमंद को अन्न दान करने से 6th भाव शांत होता है।
- दशा-अंतर्दशा में संयम जिस ग्रह की दशा चल रही है, उस ग्रह का परहेज – जैसे शनि की दशा में तेल-मालिश, वात वाली चीजों से बचना। नोट 🚫 रत्न (माणिक, मोती, मूंगा आदि) बिना अच्छी कुंडली देखे धारण न करें। उपाय श्रद्धा के लिए है, चिकित्सा के लिए हमेशा डॉक्टर से संपर्क करें।
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