ग्रह + खराब / नीच राशि = क्या नुकसान होता है
लोग बोलते हैं – “ग्रह तो अच्छा है, पर राशि खराब है” – मतलब क्या? सीधा समझो।
ग्रह = आदमी, राशि = घर/कुर्सी।
अच्छा आदमी भी अगर गलत घर में बैठा हो, गंदी कुर्सी पर बैठा हो तो काम नहीं करेगा। सूर्य राजा है, पर तुला राशि में गया – तुला में सूर्य की कुर्सी टूटी – राजा भिखारी जैसा।
नीच राशि क्या
हर ग्रह की एक नीच राशि – जहाँ वो सबसे कमजोर:
- सूर्य नीच – तुला
- चंद्र नीच – वृश्चिक
- मंगल नीच – कर्क
- बुध नीच – मीन
- गुरु नीच – मकर
- शुक्र नीच – कन्या
- शनि नीच – मेष
- राहु नीच – कर्क/वृश्चिक (मतांतर) – पर नीच जैसा खराब फल देता है
- केतु नीच – वृषभ/तुला
जब ग्रह नीच राशि में तो क्या? – बाहर से ग्रह है, अंदर से पावर जीरो – “सपोर्ट सिस्टम फेल” – वही जो नवांश में बताया था।
*9 ग्रह + नीच / खराब राशि = पूरा नुकसान – विस्तार से *
1. सूर्य + तुला / नीच राशि – अहंकार चोट खाए, पिता से मनमुटाव, सरकारी काम अटके
- सूर्य राजा, पिता, सरकारी नौकरी, रिस्पेक्ट, हड्डी, आत्मविश्वास का कारक
- तुला में सूर्य – राजा तराजू की दुकान में – “तौल-मोल” करना पड़े – राजा को पसंद नहीं – अहंकार चोट खाता है
- नुकसान:
- पिता से मनमुटाव – पिता बीमार, पिता से लड़ाई, पिता का सपोर्ट नहीं – पिता बोले “तू नालायक है”
- सरकारी काम अटकते हैं – फाइल अटके, सरकारी नौकरी में प्रमोशन रुके, सरकारी अफसर इज्जत नहीं दे
- लोग रिस्पेक्ट नहीं देते – मीटिंग में बोलो तो कोई सुने नहीं – “तू कौन है?”
- आत्मविश्वास टूटे – अंदर से डर – “मैं कर पाऊंगा क्या?” – हड्डी/आंख में समस्या, सिर दर्द
- अहंकार को ठेस – कोई बेइज्जती कर दे तो दिल पर लगे – महीनों न भूले
- कब ज्यादा खराब? – 1, 7, 10 भाव में तुला सूर्य ज्यादा खराब – लग्न में तो पूरी जिंदगी स्ट्रगल
- छुपा हुआ प्लस: तुला में सूर्य नीचभंग हो तो – शनि साथ/दृष्टि – आदमी बिजनेस में राजा – बैलेंस से पैसा कमाए – राजा नहीं, बणिया बन कर जीते तो सुखी
- उपाय: पिता की सेवा – सबसे बड़ा उपाय – रोज सुबह सूर्य को जल, “ॐ घृणि सूर्याय नमः” 108 बार, पिता के पैर छुओ, सरकारी काम में रिश्वत नहीं, अहंकार छोड़ो।
2. चंद्रमा + वृश्चिक / नीच राशि – ओवरथिंकिंग, मूड स्विंग, माँ की सेहत खराब, नींद उड़ी
- चंद्रमा मन, माँ, मन की शांति, पानी, नींद, इमोशन का कारक
- वृश्चिक में चंद्रमा – मन गहरे कुएं में – वृश्चिक जहर, बदला, गहरा – मन हमेशा डरे – “कुछ बुरा होगा क्या”
- नुकसान:
- ओवरथिंकिंग – एक बात को 100 बार सोचना – रात को 2 बजे तक जागना – “उसने ऐसा क्यों बोला”
- मूड स्विंग – सुबह खुश, शाम को रोना – कोई समझे नहीं – खुद भी न समझे – इमोशनल टूटना
- माँ की सेहत खराब – माँ बीमार, माँ से दूरी, माँ से लड़ाई – माँ का प्यार नहीं मिला
- नींद उड़ जाती है – नींद नहीं, डरावने सपने, पानी से डर, डिप्रेशन टेंडेंसी – मन का डॉक्टर चाहिए
- पानी/खून में कमी, सर्दी-जुकाम बार-बार, इमोशनल ब्लैकमेल करना/सहना
- कब ज्यादा खराब? – 4, 7, 8 भाव में वृश्चिक चंद्रमा सबसे खराब – 8 में तो डिप्रेशन पक्का
- छुपा हुआ प्लस: वृश्चिक चंद्रमा नीचभंग हो तो – मंगल साथ/दृष्टि – आदमी जासूस, डॉक्टर, सर्जन, रिसर्चर – गहरे मन से पैसा – मन का डॉक्टर बने तो करोड़पति
- उपाय: शिव जी – चंद्रमा का उपाय शिव ही – रोज शिवलिंग पर जल, “ॐ सोमाय नमः” 108 बार, माँ की सेवा, दूध दान, ध्यान, रात को मोबाइल बंद – मन शांत।
3. मंगल + कर्क / नीच राशि – गुस्सा अंदर दबता है, एनर्जी जीरो, भाई-बहन से झगड़ा, प्रॉपर्टी विवाद
- मंगल एनर्जी, गुस्सा, भाई, खून, जमीन, प्रॉपर्टी, हिम्मत का कारक
- कर्क में मंगल – आग पानी में – आग बुझी, पानी गरम – न आग जले, न पानी ठंडा – एनर्जी अंदर ही अंदर सड़े
- नुकसान:
- गुस्सा अंदर दबता है – बाहर हंसना, अंदर जलना – “बोल नहीं पाया, अब अंदर घुट रहा हूं” – फिर एक दिन फटना – बम जैसा
- एनर्जी जीरो – सुबह उठने का मन नहीं, जिम जाओ थक जाओ, काम टालना – एनर्जी गलत जगह – गुस्से में बर्तन तोड़ना पर काम में जीरो
- भाई-बहन से झगड़ा – भाई पैसा न दे, प्रॉपर्टी में लड़ाई, भाई से बात बंद – खून के रिश्ते में खून-खराबा
- प्रॉपर्टी विवाद – जमीन का केस, मकान नहीं बनता, मकान में दरार, प्रॉपर्टी बिकती नहीं, खरीदते ही झगड़ा
- खून की कमी, ऑपरेशन, चोट छाती/पेट पर, एसिडिटी
- कब ज्यादा खराब? – 4, 7, 10 में कर्क मंगल – घर/शादी/करियर में आग-पानी का झगड़ा
- छुपा हुआ प्लस: कर्क मंगल नीचभंग – चंद्रमा साथ – आदमी प्रॉपर्टी डीलर, बिल्डर, होटल वाला – पानी से पैसा – पर गुस्सा कंट्रोल करना सीखे तो
- उपाय: हनुमान जी – सबसे बड़ा उपाय – “ॐ अं अंगारकाय नमः” 108 बार, हनुमान चालीसा रोज, गुस्सा लिख कर निकालो, भाई से प्यार, जमीन का दान नहीं लेना।
*4. बुध + मीन / नीच राशि – बात नहीं बना पाते, बिजनेस में धोखा, कन्फ्यूजन, स्टडी में मन नहीं *
- बुध वाणी, बुद्धि, बिजनेस, हिसाब, बोली, स्किन, नर्वस सिस्टम का कारक
- मीन में बुध – बुद्धि पानी में – पानी में हिसाब नहीं चलता – बह जाता है – बात बहक जाए
- नुकसान:
- बात नहीं बना पाते – मीटिंग में बोलो तो लोग समझे नहीं – “क्या बोल रहा है?” – इंटरव्यू में फेल
- बिजनेस में धोखा – पार्टनर हिसाब में गड़बड़, पेपर में गलती, ईमेल गलत जगह जाना – 99% डील पर कैंसिल
- कन्फ्यूजन – एक ही बात पर 10 बार सोचना – “करूं या न करूं” – डिसीजन नहीं ले पाना
- स्टडी में मन नहीं – पढ़ो तो भूल जाओ, एग्जाम में ब्लैंक, डिग्री है पर नॉलेज नहीं – याददाश्त कम
- स्किन एलर्जी, नर्वस, हकलाना, झूठ बोलना/सुनना
- कब ज्यादा खराब? – 2, 5, 10 में मीन बुध – पैसा/पढ़ाई/करियर में कन्फ्यूजन
- छुपा हुआ प्लस: मीन बुध नीचभंग – गुरु साथ – आदमी कवि, लेखक, कहानीकार, ज्योतिषी – कल्पना से पैसा – पर हिसाब का काम किसी और से करवाए
- उपाय: गणेश जी – बुद्धि के देवता – “ॐ बुं बुधाय नमः” 108 बार, गणेश जी को दूर्वा, लिख कर बोलना सीखो, एक डायरी रखो, झूठ बंद।
5. गुरु + मकर / नीच राशि – भाग्य साथ नहीं देता, गुरु/बॉस सपोर्ट नहीं करते, गलत सलाह से नुकसान
- गुरु भाग्य, ज्ञान, बच्चा, शादी, पैसा, गुरु, धर्म का कारक
- मकर में गुरु – ज्ञान पहाड़ पर – पहाड़ ठंडा, सख्त – ज्ञान जम जाए – भाग्य सो जाए
- नुकसान:
- भाग्य साथ नहीं देता – मेहनत 100%, किस्मत 10% – “मैं ही क्यों पीछे?” – लॉटरी में भी हार
- गुरु/बॉस सपोर्ट नहीं करते – टीचर, गुरु, बॉस, पिता – कोई गाइड न करे – अकेले भटको
- गलत सलाह से नुकसान – खुद की सलाह गलत, दूसरों की सलाह मानो तो और नुकसान – “गुरु जी ने बोला था, डूब गया”
- बच्चा होने में देरी, बच्चे से दूरी, बच्चे की चिंता, शादी में देरी – गुरु शादी भी है
- पैसा आए पर ज्ञान नहीं, ज्ञान आए पर पैसा नहीं – बैलेंस नहीं
- कब ज्यादा खराब? – 9, 5, 7 में मकर गुरु – भाग्य/बच्चा/शादी में देरी पक्की
- छुपा हुआ प्लस: मकर गुरु नीचभंग – शनि साथ – आदमी मेहनत से ज्ञानी, कर्म से भाग्य बनाए – 40 के बाद राजयोग – देर से पर टिकाऊ – नेता, जज, बड़ी कंपनी का बॉस
- उपाय: विष्णु जी, केले के पेड़ को जल, “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” 108 बार, गुरु की सेवा, गरीब बच्चों को पढ़ाओ, केले दान, अहंकार नहीं, सीखना जारी रखो।
*6. शुक्र + कन्या / नीच राशि – रिश्तों में कोल्डनेस, पैसा आए पर सुख न मिले, स्किन/हॉर्मोन इश्यू *
- शुक्र प्यार, शादी, सुंदरता, पैसा, सेक्स, सुख, गाड़ी, कपड़ा का कारक
- कन्या में शुक्र – प्यार हिसाब-किताब में – कन्या हिसाब वाली, शुक्र मजे वाला – हिसाब में मजा नहीं
- नुकसान:
- रिश्तों में कोल्डनेस – प्यार है पर दिखता नहीं – पति-पत्नी में “तूने I Love You क्यों नहीं बोला?” – ठंडापन – रोमांस जीरो
- पैसा आए पर सुख न मिले – पैसा है पर मजा नहीं – महंगी गाड़ी पर टेंशन, महंगा घर पर लड़ाई – “सब है पर सुकून नहीं”
- स्किन/हॉर्मोन इश्यू – चेहरे पर दाग, हार्मोन गड़बड़, शुगर, किडनी, प्राइवेट पार्ट में समस्या, सुंदरता में कमी
- पार्टनर नखरे वाला, हिसाबी, हर बात पर टोके – “इतना खर्च क्यों?”
- शादी में देरी/असंतोष, प्रेम में धोखा – परफेक्ट पार्टनर की तलाश में टाइम वेस्ट
- कब ज्यादा खराब? – 7, 12, 2 में कन्या शुक्र – शादी/बिस्तर/पैसे में ठंडापन
- छुपा हुआ प्लस: कन्या शुक्र नीचभंग – बुध साथ – आदमी फैशन डिजाइनर, अकाउंटेंट, डॉक्टर, ब्यूटी बिजनेस – हिसाब से सुंदरता बनाए – पैसा कमाए पर प्यार में हिसाब नहीं
- उपाय: लक्ष्मी जी, “ॐ शुं शुक्राय नमः” 108 बार, वफादार रहो, दिखावा बंद, सफेद चीज दान – दही, चावल, इत्र कम, सादगी, पार्टनर की तारीफ करो।
*7. शनि + मेष / नीच राशि – मेहनत का फल नहीं मिलता, हर काम में डिले, लोग यूज करके छोड़ देते हैं *
- शनि मेहनत, नौकरी, कर्म, दुख, लोहा, गरीब, देरी का कारक
- मेष में शनि – बूढ़ा जवान के घर में – मेष जवान, तेज, शनि बूढ़ा, धीमा – दोनों की नहीं बने – काम अटके
- नुकसान:
- मेहनत का फल नहीं मिलता – सबसे ज्यादा काम तुम, सबसे कम पैसा तुम – “मैं ही क्यों घिसूं?”
- हर काम में डिले – शादी लेट, नौकरी लेट, प्रमोशन लेट, घर लेट – सब लेट – 30 का काम 40 में
- लोग यूज करके छोड़ देते हैं – दोस्त काम निकाले फिर भूल जाए, बॉस यूज करे, पार्टनर यूज करे – “मतलबी दुनिया”
- सिर/हड्डी में दर्द, घुटने में दर्द, थकान, आलस नहीं, पर थकान – “एनर्जी खत्म”
- जिम्मेदारी का बोझ – कर्ज, परिवार का बोझ – “मैं ही क्यों सब संभालूं?”
- कब ज्यादा खराब? – 10, 7, 1 में मेष शनि – करियर/शादी/खुद में देरी और बोझ
- छुपा हुआ प्लस: मेष शनि नीचभंग – मंगल साथ – आदमी आर्मी, पुलिस, इंजीनियर, मेहनत से लीडर – 36 के बाद शनि राजा – देर से पर बड़ा
- उपाय: हनुमान जी + शनि – पीपल को जल, “ॐ शं शनैश्चराय नमः” 108 बार, मेहनत से मत भागो, गरीब को कंबल/जूता दान, हनुमान चालीसा – शनि लेट देगा पर बेस्ट देगा।
*8. राहु + कर्क / वृश्चिक – ऑब्सेशन, स्कैंडल का डर, अचानक लॉस, नशे की लत का रिस्क *
- राहु धुआं, विदेश, शॉर्टकट, धोखा, अचानक पैसा/लॉस, नशा, स्कैंडल का कारक
- कर्क/वृश्चिक में राहु – धुआं पानी/जहर में – पानी गंदा, जहर और बढ़े – मन में जहर
- नुकसान:
- ऑब्सेशन – एक ही चीज का जुनून – पैसा/प्यार/नशा – “बस वही चाहिए” – पागलपन तक
- स्कैंडल का डर – बदनामी का डर, चोरी-छुपे काम, अफेयर, काला पैसा – पकड़े जाने का डर
- अचानक लॉस – रातों-रात पैसा डूबे – शेयर, जुआ, क्रिप्टो, लोन – “कल तक करोड़पति, आज भिखारी”
- नशे की लत लगने का रिस्क – शराब, सिगरेट, दवा – मन कमजोर तो नशा पकड़े
- घर/माँ से दूरी, मन में डर, भूत-प्रेत का डर, पानी से डर, ससुराल में धोखा
- कब ज्यादा खराब? – 4, 7, 8, 12 में कर्क/वृश्चिक राहु – घर/शादी/संकट/खर्च में स्कैंडल
- छुपा हुआ प्लस: राहु कर्क/वृश्चिक में नीच जैसा पर विदेश/रिसर्च में राजा – डॉक्टर, जासूस, समुद्र पार पैसा – पर शॉर्टकट नहीं, रिसर्च से
- उपाय: भैरव + शिव – “ॐ रां राहवे नमः” 108 बार, शिव को जल, नारियल दान, शॉर्टकट बंद, एक काम पकड़ो, नशा बंद, शिव चालीसा।
9. केतु + वृषभ / तुला – रिश्ते अचानक टूटते हैं, पैसा आए पर टिके नहीं, वैराग्य बढ़े
- केतु अलगाव, मोक्ष, अचानक कट, वैराग्य, आध्यात्म, कुत्ता, झंडा का कारक
- वृषभ/तुला में केतु – वैराग्य पैसे/प्यार में – वृषभ/तुला पैसा/प्यार की राशि, केतु बोले “छोड़ दे” – पैसा/प्यार टिके नहीं
- नुकसान:
- रिश्ते अचानक टूटते हैं – बिना लड़ाई ब्रेकअप, बिना बताए नौकरी छोड़ी, बिना वजह दूरी – “कल तक ठीक था, आज खत्म”
- पैसा आए पर टिके नहीं – पैसा आए, खर्च हो जाए, हाथ में न टिके – लॉटरी जैसा – आया-गया
- वैराग्य बढ़ जाता है – “पैसा-प्यार बेकार, अकेला ठीक” – भीड़ में अकेला – किसी से दिल न लगे
- गले/आंख/स्किन में समस्या, पैसे का हिसाब गड़बड़, लग्जरी से नफरत/लत दोनों
- कब ज्यादा खराब? – 2, 7, 11 में वृषभ/तुला केतु – पैसा/शादी/दोस्त में अचानक कट
- छुपा हुआ प्लस: वृषभ/तुला केतु नीच जैसा पर आध्यात्म/फैशन/ब्यूटी में पैसा – पर पैसा बचाना सीखो, रिश्ते में टिकना सीखो
- उपाय: गणेश जी + लक्ष्मी – “ॐ कें केतवे नमः” 108 बार, कुत्ते को रोटी, गणेश जी को लड्डू, पैसे का हिसाब लिखो, रिश्ते में दिल से जुड़ो, वैराग्य नहीं, प्यार।
*महा उपाय – नीच राशि का ग्रह कैसे ठीक करें- 3 स्टेप *
1. नीचभंग राजयोग देखो: नीच ग्रह के साथ उसका उच्च स्वामी हो या दृष्टि हो तो नीचभंग – तो डरना नहीं, देर से राजा बनेगा – जैसे तुला सूर्य के साथ शनि हो तो नीचभंग – बिजनेस में पैसा
2. रिश्ता सुधारो: जिस ग्रह की राशि नीच, उस रिश्ते को सुधारो – सूर्य पिता, चंद्र माँ, मंगल भाई, बुध बहन/दोस्त, गुरु गुरु/बच्चा, शुक्र पत्नी, शनि नौकर/गरीब, राहु/केतु शिव।
3. मंत्र + दान + सेवा – अंदर ठीक करो:
- रत्न नीच ग्रह का कभी मत पहनो – और खराब करेगा – मंत्र और सेवा ही उपाय।
एक लाइन में सार:
“ग्रह नीच राशि में तो आदमी राजा के कपड़े में भिखारी – दिखेगा राजा, जिएगा भिखारी जैसा – जब तक अंदर की कुर्सी ठीक नहीं, बाहर की कुर्सी काम नहीं करेगी।”
*अपनी कुंडली भेजो – कौन सा ग्रह नीच राशि में है, मैं बताऊंगा नीचभंग है या नहीं और असली उपाय
*कम शब्दों में – ग्रह + नीच राशि = नुकसान*
क्या होता है? ग्रह राजा, राशि टूटी कुर्सी = पावर जीरो।
- सूर्य तुला: पिता से झगड़ा, सरकारी काम अटके, इज्जत नहीं
- चंद्र वृश्चिक: ओवरथिंकिंग, नींद उड़ी, माँ बीमार, डिप्रेशन
- मंगल कर्क: गुस्सा अंदर, एनर्जी जीरो, भाई/प्रॉपर्टी झगड़ा
- बुध मीन: बात नहीं बने, डील कैंसिल, कन्फ्यूजन
- गुरु मकर: भाग्य सोए, बॉस सपोर्ट नहीं, गलत सलाह
- शुक्र कन्या: प्यार में ठंडापन, पैसा है सुख नहीं, स्किन इश्यू
- शनि मेष: मेहनत का फल नहीं, हर काम लेट, लोग यूज करें
- राहु कर्क/वृश्चिक: जुनून, स्कैंडल, अचानक लॉस, नशा रिस्क
- केतु वृषभ/तुला: रिश्ता/पैसा अचानक जाए, टिके नहीं, अकेलापन
उपाय: रत्न मत पहनो – देवता सेवा + रिश्ता सुधार + मंत्र 108 बार।
कम शब्दों में
क्या ग्रह=आदमी, राशि=कुर्सी – कुर्सी टूटी तो आदमी काम नहीं करेगा।- सूर्य तुला: पिता से झगड़ा, सरकारी काम अटके, इज्जत नहीं।
- चंद्र वृश्चिक: ओवरथिंकिंग, नींद गायब, डिप्रेशन।
- मंगल कर्क: गुस्सा अंदर, एनर्जी जीरो, प्रॉपर्टी झगड़ा।
- बुध मीन: बात नहीं बने, डील कैंसिल, कन्फ्यूजन।
- गुरु मकर: भाग्य साथ नहीं, गलत सलाह से नुकसान।
- शुक्र कन्या: प्यार में ठंडापन, पैसा है सुख नहीं।
- शनि मेष: मेहनत का फल नहीं, हर काम लेट।
- राहु कर्क/वृश्चिक: जुनून, स्कैंडल, अचानक लॉस।
- केतु वृषभ/तुला: रिश्ता/पैसा अचानक टूटे, टिके नहीं।
उपाय: नीच का रत्न मत पहनो – देवता सेवा + मंत्र 108 बार।

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